

उत्तराखंड में एक सुनसान जगह पर शराब पार्टी में हुए झगड़े ने दो लोगों की जान ले ली। 5 लड़के और एक लड़की के बीच पार्टी चली, फिर आपसी झगड़े में प्रेमी जोड़े शुभम कुमार टम्टा और लक्ष्मी पोखरिया को पत्थरों से मारकर हत्या कर दी गई। घटना हल्द्वानी की गल्ला मंडी में गुरुवार सुबह हुई। सुबह करीब 7:45 बजे लोगों ने वहां दो शव पड़े होने की सूचना दी। मौके पर खून के निशान और बड़ा पत्थर भी मिला। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। शवों की पहचान शुभम और लक्ष्मी के रूप में हुई। दोनों किराए के कमरे में लिव-इन में रहते थे।
पार्टी और झगड़े का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, उस शाम शुभम और लक्ष्मी अपने चार दोस्तों के साथ सुनसान जगह शराब पीने गए। देर रात पार्टी के दौरान हुए झगड़े में शुभम को पत्थरों से मार डाला गया। उसके बाद सबूत मिटाने के लिए लक्ष्मी को भी बेरहमी से मार डाला गया। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए, लेकिन मोबाइल लोकेशन ट्रेस होने की वजह से पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:
25 वर्षीय गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर
20 वर्षीय दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव
20 वर्षीय सौरभ भट्ट उर्फ भटिया
25 वर्षीय दीपेश लटवाल उर्फ राज
झगड़े की वजह
एसपी सिटी मनोज कत्याल के अनुसार, झगड़ा रात करीब साढ़े बारह बजे हुआ। पहले दीपू और शुभम के बीच पुरानी रंजिश के कारण विवाद हुआ। झगड़े के दौरान शुभम और लक्ष्मी जाने लगे, लेकिन दोस्तों को यह नागवार लगा। सीढ़ी से गिरने के बाद लक्ष्मी को उठाने पर शुभम भड़क गया और उसने कहा कि उसकी प्रेमिका को कैसे छुआ जा सकता है। इसके बाद चारों ने मिलकर पत्थरों से हमला कर उन्हें मार डाला।
हत्या कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, शुभम और लक्ष्मी के चेहरे पर पास पड़े लगभग 25 किलो वजन के पत्थर से कई वार किए गए। वार 15-20 मिनट में पूरे हुए। दिमाग की नसों तक चोटें लगीं, जिससे उनकी मौत हुई।
शुभम का पिछला अपराधी इतिहास
शुभम नशे का आदी था। उसने पहले अपनी मां के कान के कुंडल छीने थे और चाकू लेकर पकड़ा गया था। उस पर आर्म्स एक्ट में मुकदमे भी दर्ज हैं।
पार्टी और फरार होने की कोशिश
पार्टी रात 8 बजे शुरू हुई और चार घंटे चली। हत्या के बाद आरोपियों ने कपड़े बदलकर बरेली की ओर भागने की कोशिश की। मुख्य आरोपी अक्कू पेशेवर अपराधी है, उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं। दीपेश लटवाल के खिलाफ तीन मामले हैं।
परिवार और पीड़ितों का हाल
शुभम एक संपन्न परिवार से था। माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह अपने चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था। लक्ष्मी एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी की छात्रा थी। पढ़ाई में होनहार थी। इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव थी। परिवार ने हत्यारों को सजा दिलाने की मांग की है।







