


ऋषिकेश: अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वालों की अब खैर नहीं है। प्रशासन और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने शहर में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के बीच हड़कंप मचा दिया है।
आज सोमवार को नगर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अपना अभियान तेज कर दिया है। उपजिलाधिकारी (SDM) के कड़े निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चार प्रमुख अवैध निर्माणों को सील कर दिया है।

इस कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल की तैनाती रही, जिससे किसी भी प्रकार के विरोध की गुंजाइश नहीं रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये सभी निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के उल्लंघन के साथ किए जा रहे थे।
इन भवनों पर गिरी गाज (नामजद रिपोर्ट)
SDM योगेश मेहरा के अनुसार, सीलिंग की कार्रवाई मुख्य रूप से विस्थापित कॉलोनी और हरिद्वार रोड पर की गई है:
विस्थापित कॉलोनी (निर्मल बाग): यहाँ नियमों के विरुद्ध बनाई जा रही तीन बिल्डिंगों को सील किया गया है। इनके मालिक अमर, सुमित मल्होत्रा और जय चौहान बताए जा रहे हैं।
हरिद्वार रोड (पुरानी चुंगी): यहाँ आलोक एवं संजय गोयल के स्वामित्व वाली बिल्डिंग पर सीलिंग की मुहर लगाई गई है।

रसूखदारों की ‘दौड़’ शुरू
प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वाले संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, अपनी बिल्डिंगों को सीलिंग से बचाने के लिए कई संचालक अब ‘सफेदपोश’ (नेताओं) की शरण ले रहे हैं और जुगाड़ बैठाने की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार का दबाव काम नहीं आएगा।
”भविष्य में भी बिना मानचित्र स्वीकृति और अवैध रूप से किए जा रहे निर्माणों पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।”
— योगेश मेहरा, एसडीएम
कार्रवाई में शामिल टीम
इस महत्वपूर्ण अभियान को अंजाम देने वाली प्राधिकरण की टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
-अभिषेक भारद्वाज (सहायक अभियंता)
-अमित भारद्वाज (अवर अभियंता)
-पूनम सकलानी (अवर अभियंता)
-सुपरवाइजर एवं पुलिस बल।







