

उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ ने पूरे राज्य में सख्त सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध और आपराधिक तत्वों की पहचान करना और प्रदेश में लोगों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है। यह अभियान खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है।
हर थाने में बनेगी विशेष टीम
डीजीपी ने कहा कि हर थाना स्तर पर विशेष टीम बनाई गई है।
सीओ से लेकर आईजी रेंज स्तर तक इस अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
किन लोगों का होगा सत्यापन?
इस अभियान में खास तौर पर इन लोगों का सत्यापन किया जाएगा: Amazon, Zomato और Blinkit से जुड़े डिलीवरी एजेंट, सिक्योरिटी गार्ड, कैब चालक, इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने वाले कर्मचारी, ठेकेदार और मजदूर।
इन जगहों पर चलेगा अभियान
पुलिस इन स्थानों पर विशेष जांच करेगी: मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट, किराये के मकान और पीजी, होम-स्टे, होटल और गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाएं, इंडस्ट्रियल एरिया, मॉल, जिम, कोचिंग सेंटर, स्कूल और विश्वविद्यालय, ब्यूटी पार्लर।
इन पर रहेगी खास नजर
1. अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक
2. वीजा खत्म होने के बाद भी रुके लोग
3. अवैध घुसपैठिए और संदिग्ध बाहरी व्यक्ति
4. बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखने वाले मकान मालिक
5. डिलीवरी एजेंट और सुरक्षा कर्मी
6. खनन कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर
पुलिस का उद्देश्य
पुलिस का कहना है कि संदिग्ध और आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदेश में डर का माहौल खत्म हो और लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें।
उत्तराखंड पुलिस का यह अभियान राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करने और अपराध पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर सत्यापन किया जाएगा।







