


हरिद्वार में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नया और सख्त अंदाज दिखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मैदान में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के गाजीवाली नाम पर भी ऐतराज जताया और कहा अब इसे गाजीवाली मत कहो, नाम आर्यनगर ही कहो। उन्होंने बताया कि शासनादेश पहले ही जारी किया जा चुका है, लेकिन लोग अभी भी गाजीवाली ही बोल रहे हैं।
जन-जन से संवाद और समाधान
-मुख्यमंत्री ने चौपाल में आम लोगों और ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद किया।
-लोगों की समस्याएं सुनी और तुरंत संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
-उन्होंने अफसरों से कहा कि जनता की समस्याओं में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
-यह पहली बार हुआ कि खाट पर मुख्यमंत्री बैठकर चौपाल की अध्यक्षता कर रहे थे।
साधु-संतों और आमजन से बातचीत
दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए चौपाल का आयोजन किया गया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर समय जनता के साथ खड़ी रहेगी।
कुंभ मेला और चारधाम यात्रा की तैयारी
2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारी शुरू हो गई है।
अगली बैठक हरिद्वार में होगी, जिसमें व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा समय से पहले शुरू होगी और स्वागत उत्साहपूर्ण होगा।
सरकार का रिपोर्ट कार्ड
रोजगार: अब तक 27,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली।
किसानों का समर्थन: नई तकनीक और योजनाओं से आय बढ़ाई जा रही है
महिला सशक्तीकरण: ‘लखपति दीदी योजना’ से महिलाओं को आर्थिक मदद।
समान नागरिक संहिता: उत्तराखंड आजादी के बाद पहला राज्य।
जनता से जुड़ाव: जनता के सुझाव सरकार के लिए मार्गदर्शक।







