


हरिद्वार, 21 फरवरी 2026: प्रदेश के पर्यटन एवं लोक निर्माण मंत्री श्री सतपाल महाराज ने आज हरिद्वार स्थित सीसीआर (CCR) सभागार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए पैचवर्क के कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्माण में आधुनिक तकनीक का अनिवार्य रूप से प्रयोग हो।
कैंची धाम और सिंगटाली पुल पर बड़ी घोषणाएं
बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कैबिनेट मंत्री ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी दी:
- कैंची धाम बाईपास: सुप्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास कार्य को स्वीकृति मिल गई है। जून तक वैली ब्रिज तैयार कर यातायात का डायवर्जन शुरू कर दिया जाएगा।
- सिंगटाली पुल: बहुप्रतीक्षित सिंगटाली पुल के निर्माण के लिए वन विभाग से अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर जोर
मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश जारी किए:
- पैचवर्क और शिकायतें: सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि पैचवर्क से संबंधित प्राप्त 1,456 शिकायतों में से 1,444 का निस्तारण किया जा चुका है।
- वैकल्पिक मार्ग: देहरादून के सुद्धोवाला से मसूरी तक वैकल्पिक रोड कनेक्टिविटी के लिए डीपीआर (DPR) तैयार हो चुकी है और अलाइनमेंट का कार्य भी पूर्ण हो गया है।
- सुरक्षा मानक: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइन बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, नई निर्मित सड़कों पर वाहनों के संचालन के लिए परिवहन विभाग से तुरंत स्वीकृति ली जाए।
कुंभ 2027: स्वच्छता और स्थाई निर्माण पर फोकस

आगामी 2027 कुंभ मेले की तैयारियों का जिक्र करते हुए श्री महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई समीक्षा के अनुसार, कुंभ कार्यों के लिए विभिन्न विभागों को धनराशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने जोर दिया कि कुंभ के दौरान स्थाई निर्माण कार्यों और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि मेले का आयोजन ‘दिव्य और भव्य’ हो।
बैठक में उपस्थिति:
समीक्षा बैठक में सचिव लोनिवि पंकज कुमार पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत सिंह रावत और अधीक्षण अभियंता हरिद्वार डी.पी. सिंह सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







