


ऋषिकेश। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जया बलूनी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन की कार्यप्रणाली से लेकर जीवन रक्षक उपकरणों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया और आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारियों को और पुख्ता करने के निर्देश दिए।
संसाधनों और तकनीक की हुई गहन जांच

निरीक्षण के दौरान एसपी ग्रामीण ने फायर स्टेशन में उपलब्ध सभी अग्निशमन वाहनों, आधुनिक संचार प्रणालियों और सुरक्षा मानकों की भौतिक जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा या अग्निकांड के समय तकनीक और संसाधनों का सही समय पर रिस्पॉन्स देना अनिवार्य है। उन्होंने मौके पर मौजूद उपकरणों का परीक्षण करवाते हुए उनके बेहतर रख-रखाव पर विशेष बल दिया।
रिस्पॉन्स टाइम घटाने और प्रशिक्षण पर फोकस
एसपी देहात ने कर्मचारियों की उपस्थिति और उनके प्रशिक्षण रिकॉर्ड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
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- आपातकालीन स्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम (घटनास्थल पर पहुँचने का समय) को न्यूनतम किया जाए।
- सभी संसाधनों को हर समय क्रियाशील रखा जाए।
- फायर कर्मियों को विषम परिस्थितियों के लिए निरंतर प्रशिक्षित किया जाए।
”आमजन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्निकांड और आपदा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संसाधनों का हर समय तैयार रहना बेहद जरूरी है।” — जया बलूनी, एसपी देहात
फायर कर्मियों के जज्बे को सराहा
निरीक्षण के अंत में एसपी ग्रामीण ने जान-माल की रक्षा करने वाले फायर कर्मियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करना प्रशंसनीय है।
इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुनील दत्त तिवारी सहित फायर स्टेशन का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।







