


उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है। अब यात्रा मार्ग पर जाम, भीड़ या किसी भी आपात स्थिति की जानकारी यात्रियों को सीधे व्हाट्सऐप के जरिए दी जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जाम, भीड़ और आपात स्थिति की सूचना तुरंत यात्रियों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए एक सप्ताह में व्यवस्था तैयार कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी आपात स्थिति में यात्रा रोकनी पड़े, तो इसका निर्णय गढ़वाल मंडल के कमिश्नर करेंगे। यात्रा के लिए अलग से एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के डीएम सभी विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय बनाएं। पिछले वर्षों के अनुभवों और समस्याओं की समीक्षा कर भीड़ नियंत्रण के लिए व्यावहारिक योजना बनाई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएं, ताकि यात्री मोबाइल से स्कैन कर उस स्थान और आसपास की जरूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
चारधाम यात्रा का किराया नहीं बढ़ेगा
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इस साल बस किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने यह निर्णय लिया है।
समिति से जुड़ी 10 परिवहन कंपनियों की बैठक में तय हुआ कि श्रद्धालुओं से वही पुराना किराया लिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने बताया कि चारधाम यात्रा में 70 प्रतिशत से ज्यादा यात्री बसों से सफर करते हैं। करीब 2200 बसें इस व्यवस्था के तहत चलाई जाती हैं। उनका कहना है कि समिति का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधा देना है।
चारधाम यात्रा बस किराया (जैसा पहले था, वैसा ही रहेगा):
ऋषिकेश से:
1 धाम – 1680 रुपये
2 धाम – 2480 रुपये
3 धाम – 3480 रुपये
4 धाम – 4250 रुपये
हरिद्वार से:
1 धाम – 1900 रुपये
2 धाम – 2690 रुपये
3 धाम – 3680 रुपये
4 धाम – 4450 रुपये
यात्री अपनी सुविधा के अनुसार एक, दो, तीन या सभी चार धाम की यात्रा कर सकते हैं।
सभी बसें रोटेशन व्यवस्था में चलेंगी
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तराखंड में रजिस्टर्ड सभी बसें इसी रोटेशन प्रणाली के तहत चलाई जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर व्यवस्था और समान सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को समय पर जानकारी मिलेगी, जाम से बचाव होगा और चारधाम यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुगम होगी।







