


उत्तराखंड में इस साल होली का त्योहार खास तारीखों पर मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च की रात किया जाएगा और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी। देहरादून की आकाशदीप कॉलोनी में उत्तराखंड विद्वत सभा की बैठक हुई। इस बैठक में होली पर्व और संस्था की वार्षिक पत्रिका के विमोचन पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता हर्षपति गोदियाल ने की।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार होलिका दहन भद्रा पुच्छ काल में ही करना शास्त्रों के अनुसार सही होता है। इस बार होलिका दहन का शुभ समय 2 मार्च की रात 1:27 बजे से 2:39 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि चंद्रग्रहण होने के कारण रंगों की होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। बैठक में मौजूद सभी ज्योतिषाचार्यों ने इस निर्णय को सही बताया।
राजधानी में होली मिलन कार्यक्रमों की धूम
देहरादून में शुक्रवार को कई जगह होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोग “होली खेले रघुवीरा”, “होलिया में उड़े रे गुलाल” जैसे गीतों पर झूमते नजर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूलों की होली खेली। इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया ने किया। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
हरीश रावत ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति प्रेम, सहनशीलता और आपसी सम्मान की प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज में भाईचारा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील की।
धार्मिक और सांस्कृतिक होली का आयोजन
गढ़ी कैंट स्थित माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर में कुमाऊं की पारंपरिक खड़ी और बैठकी होली खेली गई। द्रोण आश्रम में शास्त्रीय संगीत के साथ पारंपरिक होली गीत गाए गए। योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर कैलाश पाठक, बबीता साह लोहनी और कैलाश पांडे सहित कई लोग मौजूद रहे।
होली को लेकर दून अस्पताल पूरी तरह तैयार
होली के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए दून अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी में अतिरिक्त डॉक्टरों और स्टाफ की ड्यूटी लगाई है और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
होली के समय अक्सर रंगों से त्वचा एलर्जी, आंखों में जलन, कान-गले की परेशानी, मारपीट या गिरने से चोट और हड्डी टूटने की घटनाएं सामने आती हैं। इसलिए फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक) और ईएनटी डॉक्टरों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि छोटी और बड़ी होली दोनों दिन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।







