
ऋषिकेश। आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और जाम मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ऋषिकेश एक्शन मोड में आ गया है। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने साफ कर दिया है कि यात्रा के दौरान सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह संवैधानिक होगी और इसमें किसी भी प्रकार की ‘नेतागिरी’ का दबाव काम नहीं आएगा।
व्यापारियों और संचालकों के साथ अहम बैठक

नगर निगम कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त ने व्यापार मंडल, टैक्सी, ऑटो और ठेली संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक का मुख्य एजेंडा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना था।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- खुद हटा लें कब्जा: नगर आयुक्त ने अपील की है कि लोग स्वेच्छा से नालियों और फुटपाथों से अपना सामान हटा लें।
- भारी जुर्माना और जब्ती: यदि निगम की टीम कार्रवाई के लिए सड़क पर उतरी, तो न केवल सामान जब्त किया जाएगा, बल्कि हजारों रुपये का जुर्माना भी वसूला जाएगा।
- प्रतिनिधियों का आश्वासन: बैठक में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिया है।
बेलगाम अतिक्रमण से पैदल चलना हुआ मुहाल
वर्तमान में ऋषिकेश की स्थिति चिंताजनक है। शहर की मुख्य सड़कों और नालियों के ऊपर फुटपाथों पर अवैध कब्जों की भरमार है। आरोप है कि इस अतिक्रमण को बढ़ाने में स्थानीय व्यापारियों की भी बड़ी भूमिका रही है। टूरिस्ट सीजन शुरू होने और चारधाम यात्रा के नजदीक आने से श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ना तय है, ऐसे में मौजूदा अतिक्रमण बड़ी दुर्घटना या भारी जाम का कारण बन सकता है।
”हमारा उद्देश्य यात्रा को सुगम बनाना है। यदि सहयोग का भरोसा टूटा, तो नगर निगम सख्त कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। सड़कों पर पैदल चलने वाले यात्रियों और स्थानीय नागरिकों का हक पहली प्राथमिकता है।”
— गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त
नगर निगम की इस सख्ती से जहां आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा है। अब देखना यह होगा कि यात्रा शुरू होने से पहले ऋषिकेश की सड़कों को कितना मुक्त कराया जा पाता है।


