

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और कई जगह बारिश व ओलावृष्टि के कारण पूरे प्रदेश में शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है। अचानक बदले मौसम ने जहां तापमान में गिरावट ला दी है, वहीं पहाड़ों का नजारा भी पूरी तरह बदल गया है।
ऊंचाई वाले धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। कई स्थानों पर चार से पांच फीट तक बर्फ जमने की खबर है, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां और घाटियां बेहद खूबसूरत दिखाई दे रही हैं, लेकिन इसके साथ ही ठंड भी काफी बढ़ गई है।

मौसम के इस बदलाव का असर पर्यटन स्थलों पर भी साफ नजर आ रहा है। बर्फबारी के बाद पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बर्फ से ढके रास्ते, पहाड़ और जंगल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे कई जगह रौनक भी बढ़ गई है।
सीमावर्ती और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ की मोटी परत जम गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की बर्फबारी खेती के लिए भी फायदेमंद होती है। इससे जमीन में नमी बनी रहती है, जल स्रोतों को भी लाभ मिलता है और फसलों में लगने वाले कई कीट-पतंगों का असर कम हो जाता है।

इधर कई मैदानी और पहाड़ी शहरों में बारिश और ओलावृष्टि के कारण ठंड अचानक बढ़ गई। सुबह के समय लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा, हालांकि दोपहर में हल्की धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में यह मौसम परिवर्तन देखने को मिला है और आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है।







