ऋषिकेश: योग की वैश्विक राजधानी के रूप में विख्यात ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में आज से अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शानदार आगाज हो गया। गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के परिसर में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और सतपाल महाराज भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
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अवधि: यह महोत्सव आज से शुरू होकर 22 मार्च तक चलेगा।
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प्रतिभागी: देश के विभिन्न कोनों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में योग साधक और योगाचार्य ऋषिकेश पहुंचे हैं।
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सांस्कृतिक संगम: महोत्सव में केवल योग ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों की झलक भी देखने को मिलेगी। कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
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स्थानीय उत्पाद: विदेशी मेहमानों को उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराने के साथ-साथ यहाँ के स्थानीय उत्पादों (पहाड़ी व्यंजनों) का स्वाद भी चखाया जाएगा।
मुख्यमंत्री का संबोधन: ‘विश्व पटल पर उभरती मुनिकीरेती’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके विजन के कारण ही योग ने विश्व में एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा:
“मुनिकीरेती आज विश्व के नक्शे पर एक उभरती हुई नगरी के रूप में देखी जा रही है। सरकार ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में गंगा कॉरिडोर और इकोनॉमिक सिटी विकसित करने पर तेजी से काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने गंगा की निर्मलता पर जोर देते हुए बताया कि क्षेत्र में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि माँ गंगा की स्वच्छता बनी रहे।
योग: स्वास्थ्य के साथ रोजगार का माध्यम
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और सतपाल महाराज ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और इसे उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। उन्होंने बताया कि:
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योग शरीर को निरोगी और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है।
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योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के कारण भारतीय योगाचार्यों के लिए विदेशों में नौकरी और करियर के बेहतरीन अवसर पैदा हो रहे हैं।
यह महोत्सव आने वाले दिनों में योग प्रेमियों के लिए ज्ञान, शांति और ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है।
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