



उत्तराखंड के लोगों के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी राहत की तैयारी है। अब निजी अस्पतालों में भी हार्ट, किडनी, लीवर और कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का उपचार मुफ्त में कराया जा सकेगा। राज्य सरकार आयुष्मान योजना में 150 से अधिक नई बीमारियों के उपचार पैकेज जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है और स्वास्थ्य विभाग ने इसका विस्तृत खाका भी तैयार कर लिया है।
वर्तमान में आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है, जिसके तहत करीब 1,900 अलग-अलग बीमारियों के पैकेज शामिल हैं। इसके बावजूद कई गंभीर बीमारियां ऐसी हैं, जिनके पैकेज योजना में शामिल न होने के कारण मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब तबके के लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर आर्थिक तंगी के कारण इलाज अधूरा छोड़ना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना में लगभग 150 नई बीमारियों के उपचार पैकेज शामिल किए हैं।
हालांकि, उत्तराखंड में अब तक इन नए पैकेजों का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भी इन पैकेजों को अपनी आयुष्मान योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, आयुष्मान योजना के तहत करीब 150 नए उपचार पैकेज जोड़े जा रहे हैं। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन पैकेजों को राज्य में लागू किया जाएगा, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
फिलहाल उत्तराखंड में करीब 62 लाख लोगों के पास आयुष्मान कार्ड हैं और योजना के दायरे में आने वाले इन सभी लाभार्थियों को नए पैकेजों का सीधा लाभ मिलेगा। आयुष्मान योजना के तहत प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है, जिसमें विभिन्न बीमारियों के लिए अलग-अलग पैकेज स्वीकृत हैं। नए पैकेजों में हार्ट से जुड़ी कई एडवांस प्रक्रियाएं जैसे वाल्व रिप्लेसमेंट, कैरोटिड एंजियोप्लास्टी, एडवांस स्कल बेस सर्जरी, कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन, प्रोस्टेट समेत कई प्रकार के कैंसर का इलाज शामिल है।
इन नए उपचार पैकेजों के लागू होने के बाद निजी अस्पतालों में भी गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज संभव हो सकेगा। इससे न केवल मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं भी मिल सकेंगी। राज्य सरकार का मानना है कि आयुष्मान योजना के दायरे को और व्यापक बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकेगा, जिससे जरूरतमंद लोगों को राहत मिलेगी और इलाज के अभाव में होने वाली परेशानियां काफी हद तक दूर होंगी।

