

Dehradun: रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित क्राइम मीटिंग उस समय अचानक बेहद सख्त और तनावपूर्ण माहौल में बदल गई, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल जमीन से जुड़े एक पुराने मामले को सुनकर भड़क उठे। बैठक में जिले भर के पुलिस अधिकारी मौजूद थे और हर थानाध्यक्ष से लंबित मुकदमों की प्रगति पर जवाब लिया जा रहा था। इसी दौरान रानीपोखरी थाने से जुड़े एक भूमि विवाद की चर्चा शुरू हुई, जिसमें सामने आया कि कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा करने के लिए वर्ष 1971 में एक व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
यह तथ्य सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने बिना देर किए मीटिंग के बीच ही उस समय के थानाध्यक्ष रहे विकेंद्र चौधरी को निलंबित करने का आदेश दे दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बैठक में मौजूद सभी अधिकारी सन्न रह गए और माहौल पूरी तरह बदल गया। साथ ही उनके खिलाफ विस्तृत जांच के निर्देश भी जारी किए गए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
इस सख्त रुख के साथ उन्होंने साफ संदेश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या संलिप्तता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर पुलिस की मिलीभगत अवैध कब्जों में पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जमीन धोखाधड़ी और कब्जे के मामलों में सक्रिय गिरोहों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
बैठक में नशा और शराब तस्करी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में किसी भी हालत में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि नशे की खरीद-फरोख्त से जुड़ी शिकायतें मिलती हैं, तो सीधे संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
हालांकि, जहां सख्ती दिखाई गई, वहीं बेहतर काम करने वालों की सराहना भी की गई। डोईवाला क्षेत्र में नशे के खिलाफ की गई प्रभावी कार्रवाई को लेकर थानाध्यक्ष की खुलकर प्रशंसा की गई। इस पूरी मीटिंग के जरिए साफ संकेत दिया गया कि कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी और हर अधिकारी को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।







