ऋषिकेश/मुनिकीरेती: टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमाओं को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन ‘बजरंग सेतु’ एक बार फिर विवादों में है। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बन रहे इस आधुनिक पुल के फुटपाथ पर लगा कांच एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। हैरानी की बात यह है कि पुल का अभी विधिवत उद्घाटन भी नहीं हुआ है और यह तीसरी बार है जब कांच टूटने की घटना सामने आई है।
सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही पर रोक
फुटपाथ पर लगे कांच में जगह-जगह दरारें आने के बाद प्रशासन और निर्माण कंपनी ने एहतियातन फुटपाथ के दोनों किनारों से आवाजाही को रोक दिया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों में इस घटना के बाद भय का माहौल है। इससे पहले भी दो बार कांच टूट चुका है, जिसे कंपनी ने बदल तो दिया था, लेकिन बार-बार हो रही इस क्षति ने निर्माण की गुणवत्ता और सामग्री के चयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापरवाही का केंद्र बना निर्माणाधीन पुल
लोक निर्माण विभाग (नरेन्द्रनगर) द्वारा वर्ष 2022 में शुरू किया गया यह 132.30 मीटर लंबा पुल तकनीकी रूप से काफी खास माना जा रहा था। इसके दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा और 65 मिमी मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बनाया गया है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण है।
हालांकि, विभाग की उदासीनता का आलम यह है कि:
- पुल जनता को समर्पित हुए बिना ही दो महीने पहले से देशी-विदेशी पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए खुला है।
- कांच के फुटपाथ पर चलने के लिए अब तक कोई मानक (SOP) तय नहीं किए गए हैं।
- सेल्फी और फोटो खिंचवाने के लिए फुटपाथ पर उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर किसी भी सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं की गई है।
लक्ष्मणझूला का विकल्प है बजरंग सेतु
92 साल पुराने ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल को 16 अप्रैल 2022 को आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा कारणों से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया था। बजरंग सेतु को इसी के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही बार-बार कांच टूटना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अधिकारी का पक्ष:
मामले में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान घटना उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन वे जल्द ही इसकी जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
अब देखना यह होगा कि क्या विभाग कांच की गुणवत्ता की जांच करवाता है या फिर केवल मरम्मत के नाम पर लीपापोती कर भविष्य में किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।

