


ऋषिकेश: शहर में लगातार हो रही वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन की ओर से तहसील सभागार में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम योगेश मेहरा ने की। इस दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई और कई जरूरी निर्देश जारी किए गए।
एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के इंजीनियरों को निर्देश दिए कि शहर में भारी वाहनों के लिए उपयुक्त स्थानों पर पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाएं, ताकि सड़कों पर अव्यवस्थित खड़े वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके साथ ही नो पार्किंग और गति सीमा से संबंधित साइनबोर्ड लगाने तथा सड़कों पर स्पष्ट मार्किंग कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संकेतक और चेतावनी बोर्ड बेहद जरूरी हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशु भी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। इसे देखते हुए पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि ऐसे पशुओं के गले में लगाए जाने वाले रेडियम युक्त पट्टों की खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि इन रेडियम पट्टों की व्यवस्था आपदा मद या सीएसआर फंड के माध्यम से की जा सकती है, जिससे रात के समय सड़क पर पशुओं की पहचान आसानी से हो सके।
एसडीएम योगेश मेहरा ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को संयुक्त रूप से रात्रिकालीन अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रात के समय तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें अधिक सामने आती हैं, ऐसे में सख्त चेकिंग से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। इसके साथ ही लोनिवि ऋषिकेश और एनएच डोईवाला के इंजीनियरों को सड़क पर आवश्यक सुधार कार्य, मार्किंग और साइनबोर्ड लगाने को लेकर जिम्मेदारी सौंपी गई।
नगर निगम प्रशासन को भी निर्देशित किया गया कि शहर में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए, ताकि रात के समय सड़कों पर पर्याप्त रोशनी रहे और हादसों की आशंका कम हो। बैठक के दौरान उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें चंद्रभागा नदी के किनारे अस्थायी पार्किंग निर्माण, बाईपास मार्ग के चौड़ीकरण, मनसा देवी चौक को चौड़ा करने, ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान चलाने तथा तहसील रोड और गौरा देवी मार्ग से वाहनों को हटवाने जैसी मांगें प्रमुख रूप से रखी गईं।
इस बैठक में एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत, एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया, डॉ. अमित वर्मा, गजेंद्र नेगी, अमर सिंह रावत, बिजेंद्र सिंह कंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शहर में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया।

