


Rishikesh: शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत से संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए नगर निगम कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मेयर शंभू पासवान ने की। इस दौरान शहर के समग्र विकास से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और अब तक किए गए कार्यों की स्थिति का आकलन किया गया।
बैठक में विशेष रूप से सीवरेज ट्रीटमेंट से जुड़े कार्यों, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सफाई से संबंधित उपकरणों की खरीद और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मेयर शंभू पासवान ने संबंधित विभागों और कार्यदायी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय को और बेहतर बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा या देरी से बचा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सख्त संदेश दिया कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेयर ने कहा कि ये विकास परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और ऋषिकेश को आधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
बैठक में सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट, परियोजना प्रबंधक जतिन सिंह सैनी, सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, वन दरोगा सुनील भदूला सहित नगर पंचायत स्वर्गाश्रम से जुड़े कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित विकास कार्यों की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शीघ्र तैयार की जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करते हुए विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।







