ऋषिकेश
उत्तराखंड की अत्यंत महत्वाकांक्षी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल परियोजना को लेकर रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने एक नई समय-सीमा (डेडलाइन) की घोषणा की है। इस नए रोडमैप के तहत, परियोजना को चरणों में पूरा कर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
यह अहम जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ऋषिकेश स्थित रेल विकास निगम लिमिटेड के कार्यालय में आयोजित ‘लोक सेवा ही संकल्प’ कार्यक्रम के दौरान साझा की गई।
चरणों में शुरू होगी रेल सेवा
आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक (DGM) ओमप्रकाश मालगुड़ी ने बताया कि हाल ही में रेलवे बोर्ड के मेंबर इंफ्रा के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में परियोजना की बारीकियों पर चर्चा के बाद पूरा रोडमैप तैयार किया गया है:
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जून 2028: इस पहली समय-सीमा के तहत शिवपुरी से ब्यासी तक के रेल खंड को पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।
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दिसंबर 2029: इस अंतिम समय-सीमा तक कर्णप्रयाग तक की पूरी रेल परियोजना को मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है।
78 प्रतिशत कार्य पूरा, टनलिंग अंतिम चरण में
डीजीएम मालगुड़ी ने परियोजना की वर्तमान प्रगति का ब्यौरा देते हुए कहा कि निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और अब तक कुल कार्य का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है।
डीजीएम मालगुड़ी ने परियोजना की वर्तमान प्रगति का ब्यौरा देते हुए कहा कि निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और अब तक कुल कार्य का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है।
परियोजना के सबसे जटिल हिस्से यानी सुरंग (टनल) निर्माण को लेकर निम्नलिखित आंकड़े सामने आए हैं:
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टनल निर्माण: परियोजना के तहत कुल 213 किलोमीटर की टनलिंग की जानी है, जिसमें से 206 किलोमीटर का काम संपन्न हो चुका है।
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लाइनिंग का कार्य: सुरंगों के भीतर सुरक्षा के लिए की जाने वाली लाइनिंग भी तेजी से बढ़ रही है। 213 किलोमीटर में से अब तक करीब 150 किलोमीटर हिस्से की लाइनिंग पूरी कर ली गई है।
इन 3 टनल में आ रही है भौगोलिक चुनौती
अधिकारियों के मुताबिक, अधिकांश सुरंगों का ‘ब्रेक-थ्रू’ (आर-पार खुदाई) किया जा चुका है, लेकिन तीन टनल ऐसी हैं जहां बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण काम की रफ्तार धीमी हुई है:
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टनल नंबर 1
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टनल नंबर 5
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टनल नंबर 14
मरोड़ा क्षेत्र की चुनौती: टनल नंबर 14 के पास मरोड़ा क्षेत्र में पूरा गांव नीचे खिसकने (भू-धंसाव) के कारण काम देरी से शुरू हो पाया। आरवीएनएल ने पहले तकनीकी रूप से इस पूरे संवेदनशील हिस्से को स्थिर (Stabilize) किया, जिसके बाद अब वहां सुरक्षित तरीके से काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इन तीनों टनल की मिट्टी और चट्टानें बेहद कमजोर श्रेणी की हैं।
पुलों का निर्माण भी तेज
इस रेल रूट पर बनने वाले बड़े और छोटे पुलों का काम भी गति पकड़ रहा है:
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रूट पर बनने वाले कुल 19 पुलों में से 9 पुल लगभग पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं।
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शेष बचे 10 पुलों का भी 60 से 65 प्रतिशत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
चारधाम यात्रा होगी सुगम
रेल विकास निगम लिमिटेड का दावा है कि इस परियोजना के दिसंबर 2029 तक पूरी तरह चालू होने से उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की राह बेहद आसान हो जाएगी। उन्हें एक सुगम, सुरक्षित, समय की बचत करने वाली और आधुनिक परिवहन सेवा का लाभ मिल सकेगा।

