ऋषिकेश। नगर निगम ऋषिकेश की भूमि पर निर्माणाधीन बहुमंजिला प्रशासनिक बिल्डिंग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए आज एक महत्वपूर्ण संयुक्त निरीक्षण किया गया। ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान ने विकास प्राधिकरण (MDDA), विद्युत विभाग (UPCL), जल संस्थान और नगर निगम के निर्माण व टैक्स विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की जमीनी हकीकत देखी और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए।
तय समय सीमा पर काम पूरा होना चुनौतीपूर्ण
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेयर शंभू पासवान ने बताया कि इस बिल्डिंग के निर्माण को शुरू हुए लगभग 14 महीने का समय हो चुका है। इस पूरी परियोजना को पूरा करने की निर्धारित अवधि 18 से 20 महीने तय की गई थी। मेयर ने कार्य की धीमी गति पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में केवल पार्टीशन वॉल (विभाजन दीवारों) का काम चल रहा है। जिस रफ्तार से काम हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि तय समय सीमा के भीतर पूरा निर्माण कार्य खत्म कर पाना ठेकेदार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
ठेकेदार को निर्देश, बिजली ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग पर हुई चर्चा
धीमी प्रगति को देखते हुए मेयर ने ठेकेदार राकेश शर्मा को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत साइट पर मैनपावर (श्रमिकों की संख्या) बढ़ाएं और काम में तेजी लाएं।
इसके अलावा, परिसर में मौजूद बिजली के ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट करने में आ रही दिक्कतों पर यूपीसीएल (UPCL) के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की गई। मेयर ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि किसी भी प्रकार की विभागीय अड़चनों की वजह से विकास कार्य में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
आंतरिक लेआउट पर भी लिए सुझाव
निरीक्षण के दौरान भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई। नगर निगम के आगामी बोर्ड बैठक हॉल, निर्माण विभाग, टैक्स विभाग और कर्मचारियों के बैठने के लिए केबिन की व्यवस्था कैसी होगी, इसके आंतरिक लेआउट (Internal Layout) पर भी मेयर ने वहां मौजूद अधिकारियों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए।
इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान एमडीडीए, यूपीसीएल, जल संस्थान और नगर निगम के निर्माण व टैक्स विभाग के कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

