



ऋषिकेश में कथित विरोध प्रदर्शन की आड़ में अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और यह सुनिश्चित किया कि रेल मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बाधित न हो तथा यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमें उन लोगों की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने अधिकारियों पर पथराव किया और जनता को भड़काने का प्रयास किया। ऐसे उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

दरअसल, ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र में भूमि से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया गया, जिससे छह ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने हालात का जायजा लिया और कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं, जबकि किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक पर बैठ जाने के कारण यात्रियों को असुविधा हुई, जिसे देखते हुए पुलिस ने पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से मार्ग खाली कराने का प्रयास किया।

स्थिति को संवेदनशील मानते हुए एसएसपी अजय सिंह ने वन विभाग और पुलिस के अन्य अधिकारियों के साथ ऋषिकेश-श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इसके बाद सड़क और रेलवे ट्रैक को खाली कराकर यातायात को पूरी तरह बहाल किया गया।

इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने यह भी साफ किया कि घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह और झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है और ऐसे लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

