

उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार रात विष्णुगाड़–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की पीपलकोटी सुरंग के भीतर एक गंभीर हादसा हो गया। सुरंग के अंदर चल रही दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। एक ट्रेन में निर्माण कार्य में लगे श्रमिक और अधिकारी सवार थे, जबकि दूसरी ट्रेन निर्माण सामग्री लेकर जा रही थी। टक्कर के समय दोनों ट्रेनों में कुल 109 लोग मौजूद थे, जिनमें से करीब 60 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गईं। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सभी घायलों को सुरक्षित रूप से सुरंग से बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। गोपेश्वर जिला अस्पताल में 10 गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज चल रहा है, जबकि अन्य घायलों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
घायलों को बाहर निकालने के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और परियोजना से जुड़ी टीमें मौके पर मौजूद रहीं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुरंग के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब सुरंग के भीतर शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया चल रही थी और दोनों लोको ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ गईं। टक्कर के बाद सुरंग के भीतर कुछ समय के लिए अव्यवस्था का माहौल बन गया। उल्लेखनीय है कि परियोजना के तहत श्रमिकों और निर्माण सामग्री को सुरंग के अंदर लाने-ले जाने के लिए इन लोको ट्रेनों का नियमित रूप से उपयोग किया जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने घायल श्रमिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।
विष्णुगाड़–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना अलकनंदा नदी पर हेलंग और पीपलकोटी के बीच निर्माणाधीन है। यह परियोजना 444 मेगावाट क्षमता की है, जिसमें चार टरबाइनों के माध्यम से प्रत्येक से 111 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को अगले वर्ष तक पूरा करने की योजना है।







