


रुद्रपुर (उत्तराखंड) में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पार्टी ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जिससे शहर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।
कांग्रेस कार्यकर्ता इस हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया, लेकिन हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं रुके और बैरिकेड को धक्का देकर कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर प्रवेश कर गए, जहां उन्होंने धरना देना शुरू कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए हालात और भी तनावपूर्ण हो गए।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस और राज्य सरकार अब तक इस जघन्य हत्याकांड के सभी दोषियों को पकड़ने में नाकाम रही है। उनका यह भी कहना है कि मामले में जिस ‘वीआईपी’ की भूमिका सामने आई है, उसका नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे जांच पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस का साफ कहना है कि जब तक वीआईपी का नाम उजागर नहीं किया जाता और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

