



ऋषिकेश: सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी बस ऑपरेटर सवारियों की जान के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस खिलवाड़ में ऑपरेटर का साथ ड्राइवर और कंडक्टर भी देने में लगे हैं। इसका खुलासा उस समय हुआ जब राजस्थान धौलपुर से 30 सीटर स्लीपर बस 120 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को लेकर शैक्षिक भ्रमण पर ऋषिकेश पहुंची।
भद्रकाली के पास परिवहन विभाग की चेकिंग में अधिकारियों को ओवरलोडिंग का यह नजारा देखने को मिला। एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत का छात्र-छात्राओं की जान से खिलवाड़ होता देख पारा चढ़ गया और उन्होंने ड्राइवर कंडक्टर को जमकर फटकार लगाई। बस को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। छात्र-छात्राओं को विभाग ने परिवहन निगम की बस से हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक भेजा। जहां से छात्र-छात्राएं ट्रेन के माध्यम से अपने घरों को रवाना हो गए। एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने बताया कि बस पर 22 हजार का जुर्माना लगाया गया है और बस को सीज कर दिया गया है।
इस जानलेवा ओवरलोडिंग बस के मामले ने राजस्थान से उत्तराखंड के बीच वाहनों की चेकिंग पर कई प्रकार के सवाल खड़े कर दिए हैं। एआरटीओ रश्मि पंत ने भी लगभग 800 किलोमीटर की दूरी के बीच वाहनों की चैकिंग में लापरवाही को स्वीकार किया है।

