


हरिद्वार।। गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के फैसले के बाद संत समाज की ओर से कुंभ क्षेत्र में भी इसी तरह की पाबंदी लागू करने की मांग तेज हो गई है। इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिद्वार से भाजपा सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संयमित रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर फिलहाल कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सबसे पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आखिर “कुंभ क्षेत्र” की सीमा कहां तक मानी जाएगी।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह भी बताया कि हरकी पैड़ी जैसे कुछ संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही रात के समय गैर-हिंदुओं के ठहरने पर प्रतिबंध लागू है। हालांकि, कुंभ क्षेत्र केवल एक सीमित इलाके तक नहीं है, बल्कि इसका विस्तार ऋषिकेश, रुड़की, मंगलौर, बहादराबाद और श्यामपुर जैसे कई क्षेत्रों तक फैला हुआ है। ऐसे में पूरे कुंभ क्षेत्र को लेकर किसी भी तरह का फैसला लेने से पहले व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श करना आवश्यक है।
इसके साथ ही सांसद ने अंकिता हत्याकांड पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो तथा पीड़ित परिवार को न्याय मिले। उनका कहना था कि कानून के दायरे में रहकर सच्चाई सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।

