
ऋषिकेश: ग्राम खदरी में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में लोगों की समस्याएं खुलकर सामने आईं। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 58 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से करीब 15 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने क्षेत्र में जंगली जानवरों और बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। लोगों का कहना था कि हाथी, बंदर और हाल ही में भालू की आवाजाही से जान-माल का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने मांग की कि वन विभाग आबादी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।
यह शिविर मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज खदरी में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा ने की। शिविर में 26 विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खदरी, श्यामपुर, भट्टोवाला और गुमानीवाला क्षेत्रों में हाथियों और बंदरों के आतंक का जिक्र करते हुए बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भालू के आबादी क्षेत्र में घुसने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ग्राम प्रधान संगीता थपलियाल ने पशुपालन विभाग से मृत पशुओं के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को रोकने और श्रम विभाग से स्थानीय लोगों के लिए श्रम कार्ड शिविर आयोजित करने की मांग भी उठाई।
शिविर के दौरान इसके अलावा सुरक्षा तटबंधों की मरम्मत, बिजली के झूलते तार, आंगनबाड़ी केंद्रों की अनुपस्थिति और विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति न होने जैसी कई अन्य स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, तहसीलदार चमन सिंह, जिला पंचायत सदस्य विनीता रतूड़ी, ग्राम प्रधान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।

