



Uttarakhand: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट अथवा हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में कराए जाने की मांग को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है। इसी क्रम में 11 जनवरी को कांग्रेस समेत कई सामाजिक संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। बंद का असर कुछ क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है, वहीं कई व्यापार मंडलों ने इस बंद को समर्थन देने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, जबरन बंद कराने की कोशिशों को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
देहरादून में कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने व्यापारियों से उत्तराखंड बंद में सहयोग करने की अपील की। हालांकि दून उद्योग व्यापार मंडल, दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल और राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड बंद का आह्वान उनकी ओर से नहीं किया गया है और प्रदेशभर के बाजार सामान्य रूप से खुले रहेंगे। व्यापार संगठनों का कहना है कि आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बाजार बंद करना उचित नहीं है।

दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोंन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बाद अब बंद का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए बाजार खुले रखने का निर्णय लिया है, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से जिन राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने बंद का आह्वान किया है, उन्हें उत्तराखंड की जनता शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन दे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।
सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के जिला सचिव लेखराज का कहना है कि केवल सीबीआई जांच की संस्तुति कर देना पर्याप्त नहीं है और यह एक कोरी घोषणा साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बस, ऑटो चालक-कंडक्टर, ई-रिक्शा, सेलाकुई और विकासनगर की विभिन्न यूनियनों ने बंद को अपना समर्थन दिया है।
इस बीच व्यापार मंडलों ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह से संपर्क कर व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के मद्देनजर कई व्यापार मंडलों, टैक्सी और बस यूनियनों ने बंद को समर्थन न देने का फैसला लिया है। साथ ही बंद के आह्वान के दौरान जबरदस्ती गतिविधियों में बाधा पहुंचाए जाने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने आम जनमानस से अपील की है कि किसी भी प्रकार का प्रदर्शन शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहकर किया जाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई व्यक्ति जबरन बाजार बंद कराने, सार्वजनिक परिवहन को रोकने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

