

उत्तराखंड के पहाड़ी जिले बागेश्वर में मंगलवार सुबह उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब अचानक धरती हिलने लगी। सुबह करीब 7 बजकर 25 मिनट पर आए भूकंप के झटके इतने साफ थे कि लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई, जबकि इसका केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। झटके भले ही हल्के थे, लेकिन सुबह-सुबह अचानक आए कंपन ने लोगों को डरा दिया।
इस भूकंप का असर सिर्फ बागेश्वर तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक धरती की हलचल महसूस की गई। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे शहरों में भी लोगों ने झटके महसूस होने की बात कही। कई लोगों को ऐसा लगा जैसे जमीन हल्की सी डोल गई हो। कुछ सेकंड के इन झटकों ने लोगों के मन में पुराने भूकंपों की यादें ताजा कर दीं, जिससे डर और चिंता का माहौल बन गया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन भूकंप संभावित क्षेत्र होने के कारण सतर्कता बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के झटके महसूस होते रहते हैं। ऐसे झटकों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ये भविष्य के बड़े भूकंप की चेतावनी भी हो सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन ने लोगों को भूकंप से जुड़ी सुरक्षा सावधानियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।







