

साल 2026 में होली के दिन चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को पड़ेगा और भारत में दिखाई देगा। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण बहुत खास माना जा रहा है, क्योंकि ऐसा संयोग करीब 122 साल बाद बन रहा है। सनातन परंपरा में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। लेकिन इस बार पूर्णिमा के दिन ही चंद्रग्रहण होने के कारण होली से जुड़े कई कामों की तारीख बदल दी गई है। ग्रहण के कारण इस दिन रंग और गुलाल से होली नहीं खेली जाएगी।
धुलंडी (रंगों की होली) की तारीख बदली
इस साल होलिका दहन भद्रा के कारण रात 12 बजे के बाद होगा। लेकिन चंद्रग्रहण के कारण रंगों की होली (धुलंडी) 3 मार्च को नहीं बल्कि 4 मार्च को मनाई जाएगी। यानि-
2 मार्च 2026: होलिका दहन
3 मार्च 2026: चंद्रग्रहण (इस दिन रंग नहीं खेलेंगे)
4 मार्च 2026: धुलंडी यानी रंगों की होली
इस तरह होलिका दहन और रंगों की होली के बीच एक दिन का अंतर रहेगा।
होलिका दहन और सूतक काल का समय
होलिका दहन: 2 मार्च शाम 6:34 बजे से रात 9:03 बजे तक
सूतक काल: 3 मार्च सुबह 9:53 बजे से शाम 4:46 बजे तक
होलाष्टक: 24 फरवरी से 3 मार्च तक रहेंगे
सूतक काल में धार्मिक कार्य और होली से जुड़े शुभ काम नहीं किए जाएंगे।
2027 का सूर्यग्रहण होगा बेहद खास
साल 2027 में 2 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण लगेगा, जो इस सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण माना जा रहा है। यह ग्रहण करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक रहेगा। आमतौर पर सूर्यग्रहण सिर्फ 2 से 3 मिनट तक ही रहता है, लेकिन यह ग्रहण 100 सालों में सबसे लंबा होगा। इस समय चंद्रमा पृथ्वी के बहुत करीब होगा, इसलिए वह सूर्य को ज्यादा देर तक पूरी तरह ढक पाएगा और कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा जाएगा।
2029 में लगेगी ग्रहणों की झड़ी
साल 2029 में कुल 6 ग्रहण लगेंगे। ऐसा संयोग पहले साल 2020 में देखा गया था।
द्रिक पंचांग के अनुसार 2029 में ये ग्रहण होंगे
14 जनवरी 2029 – खंडग्रास सूर्यग्रहण (मकर संक्रांति के दिन)
12 जून 2029 – खंडग्रास सूर्यग्रहण
26 जून 2029 – खग्रास चंद्रग्रहण
11 जुलाई 2029 – एक और ग्रहण
5 दिसंबर 2029 – खंडग्रास सूर्यग्रहण
इस तरह 2029 ग्रहणों का बहुत खास साल माना जाएगा।







