



उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर वीआईपी एंगल को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में चर्चा में आईं उर्मिला सनावर से देहरादून पुलिस ने करीब छह घंटे तक लगातार पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने उनके पास से 46 ऑडियो और वीडियो क्लिप जब्त किए हैं, जिन्हें मामले की जांच के लिए अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, देहरादून पुलिस की टीम ने उर्मिला सनावर से बुधवार देर रात से लेकर गुरुवार तक गहन पूछताछ की। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य उन वायरल ऑडियो क्लिप्स की सच्चाई जानना था, जिनमें अंकिता हत्याकांड से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने उर्मिला से यह जानने की कोशिश की कि
-ये ऑडियो-वीडियो क्लिप कब और कैसे रिकॉर्ड की गईं,
-क्लिप्स में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, क्या उनसे उनकी कभी मुलाकात हुई,
-और इन रिकॉर्डिंग्स का मूल स्रोत क्या है।
पुलिस ने उर्मिला से उनका मोबाइल फोन भी जांच के लिए देने को कहा, लेकिन उन्होंने निजता और डेटा से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए फोन सौंपने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने जांच एजेंसियों को 46 डिजिटल फाइलें उपलब्ध कराईं।
पूछताछ के बाद उर्मिला सनावर को हरिद्वार भेज दिया गया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी का डर सता रहा है। वहीं, इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पहले से ही हरिद्वार में मौजूद है और मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
इस बीच, मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता, वह केसरिया वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उर्मिला सनावर से पूछताछ में कोई निर्णायक या ठोस सबूत सामने नहीं आया है, लेकिन जब्त किए गए ऑडियो-वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वे हर एंगल से मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

