



Uttrakhand: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और कांग्रेस द्वारा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने के बाद शुक्रवार को राज्य सरकार ने इस पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष स्पष्ट किया। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस संवेदनशील और गंभीर मामले में सरकार ने शुरू से ही त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की है तथा न्यायिक प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया गया।
सुबोध उनियाल ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी सरकार को मिली, उसी समय तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। मामले में शामिल सभी आरोपितों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया गया और सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई, जिसके चलते विवेचना और सुनवाई के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। जांच पूरी होने के बाद एसआईटी द्वारा विस्तृत चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत ने सुनवाई के उपरांत दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच प्रक्रिया को न्यायालयों द्वारा भी पूरी तरह सही ठहराया गया है। विवेचना के दौरान सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने एसआईटी की जांच पर भरोसा जताते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इंकार कर दिया। इसके बाद यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच और विवेचना से संतुष्टि व्यक्त करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर जिन वीडियो और ऑडियो क्लिप्स को प्रसारित किया जा रहा है, उन्हें वायरल करने वाले लोगों को आरोपों की विश्वसनीयता से जुड़े ठोस प्रमाण सामने रखने चाहिए। सरकार किसी भी तरह की जांच से पीछे नहीं हटेगी और यदि कोई नया, विश्वसनीय साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि साक्ष्य उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
सुबोध उनियाल ने बताया कि हाल में सामने आई ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनकी विधिवत जांच जारी है। जांच के दौरान यदि कोई नया तथ्य या प्रमाण सामने आता है, तो उसे गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विवेचना के दौरान पुलिस और एसआईटी की ओर से सार्वजनिक रूप से अपील की गई थी कि यदि किसी के पास इस प्रकरण से जुड़ी कोई भी जानकारी, तथ्य या किसी वीआईपी अथवा अन्य व्यक्ति से संबंधित प्रमाण हों, तो वे जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करें। सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि इस मामले की गहन, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा किसी भी तथ्य की अनदेखी न की जाए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि न्याय की प्रक्रिया में कोई कमी न रहे और सत्य के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई की जाए।

