

उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने हेली सेवा संचालन की तैयारियां तेज कर दी हैं। केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन यात्रियों को इस बार राहत देते हुए हेली सेवा के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। पिछली यात्रा के दौरान जो किराया निर्धारित किया गया था, उसी दर पर इस बार भी हेली सेवा का संचालन होगा।
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत अप्रैल से होने जा रही है। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के दिन तय की जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यूकाडा ने समय रहते हेली सेवाओं की योजना पर काम शुरू कर दिया है। खासतौर पर केदारनाथ हेली सेवा की मांग सबसे अधिक रहती है, लेकिन बीते वर्ष उत्तरकाशी और केदारघाटी में हुए दो बड़े हेलिकॉप्टर हादसों के बाद हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार डीजीसीए और यूकाडा सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं।
गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलिपैड से वर्तमान में नौ एविएशन कंपनियां केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा का संचालन करती हैं। वर्ष 2025 में इन कंपनियों के साथ किए गए अनुबंध समाप्त होने के बाद यूकाडा ने आगामी चारधाम यात्रा के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते वर्ष चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ हेली सेवा के किराए में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन इस बार ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और यात्रियों से पहले जैसा ही किराया लिया जाएगा।
हेली सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए यूकाडा और डीजीसीए के बीच पहली अहम बैठक भी हो चुकी है। इस बैठक में मंदाकिनी वैली के साथ-साथ बदरीनाथ और उत्तरकाशी क्षेत्र में हेलिकॉप्टर उड़ानों को लेकर गहन चर्चा की गई। हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के तेजी से बदलने को देखते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर स्थापित किए जाएंगे, जिससे मौसम की रियल टाइम और सटीक जानकारी मिल सकेगी। खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही केदारनाथ हेली सेवा में 30 प्रतिशत उड़ानें कम रखने का डीजीसीए का निर्णय इस बार भी लागू रहेगा।
केदारनाथ हेली सेवा के तहत गुप्तकाशी से केदारनाथ का आने-जाने का किराया 12,444 रुपये, फाटा से 8,842 रुपये और सिरसी से 8,839 रुपये निर्धारित किया गया है। यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस बार किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए डीजीसीए के साथ समन्वय किया गया है और केदारनाथ हेली सेवा समेत सभी चार्टर्ड उड़ानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाई जा सके।







