

उत्तराखंड: देहरादून जिले ने पहली मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी जीत ली है। यह प्रतियोगिता ननूरखेड़ा स्थित युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में आयोजित की गई थी। समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून को विजेता ट्रॉफी और 5 लाख रुपये का चेक दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता का अंत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के खेल भविष्य की नई शुरुआत है। उन्होंने बताया कि गांवों, न्याय पंचायतों और दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में ऐसे आयोजन बहुत मदद करते हैं। इस प्रतियोगिता में कुल 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से खेलों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर पहली बार 7वां स्थान हासिल किया, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी सविन बंसल और सीडीओ अभिनव शाह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हल्द्वानी में राज्य की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसके अलावा स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत आठ बड़े शहरों में 23 खेल अकादमियां खोली जाएंगी। नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को हर महीने छात्रवृत्ति, खेल उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा दी जा रही है। साथ ही खेल महाकुंभ और अन्य प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण भी मिलेगा।
खेल मंत्री रेखा आर्य ने खेल विभाग से जुड़ी तीन मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इनमें युवा खिलाड़ियों के लिए चैम्पियन ट्रॉफी आयोजित करना, प्रतियोगिताओं के दौरान भोजन की दरें बढ़ाना और मुख्यमंत्री खेल क्लब से जुड़ी मांगें शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी मांगों पर विचार किया जाएगा।
खेल मंत्री ने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले साल 23 नवंबर से न्याय पंचायत स्तर पर शुरू हुई थी और बुधवार को इसका समापन हुआ। इसमें कबड्डी, खो-खो, मलखंब, वॉलीबॉल सहित कुल 26 खेल शामिल थे। इन खेलों में 1.62 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को समय से पहले नौकरी देने और सरकारी सेवाओं में आरक्षण जैसे फैसले पहले ही लिए जा चुके हैं। यह समय खिलाड़ियों के लिए सुनहरा दौर है और उन्हें आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।







