


देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाहर से वह एक सफल और रसूखदार कारोबारी जैसा दिखता था, लेकिन असल में वह झारखंड का बड़ा अपराधी निकला।

देहरादून में लोग उसे स्टोन क्रशर का बिजनेसमैन मानते थे। वह राजपुर रोड के सिल्वर सिटी मॉल के महंगे जिम में रोज वर्कआउट करता था और शाम को प्रॉपर्टी डीलरों के साथ बैठता था। वह अफसरों और नेताओं से अपनी अच्छी पहचान होने की बात भी करता था। उसकी हत्या के बाद उसका असली चेहरा सामने आया और लोग हैरान रह गए।
1000 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक
विक्रम शर्मा झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला था। पुलिस जांच में पता चला कि झारखंड में उसकी करीब 1000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति थी। अपने काले धन को सफेद करने के लिए उसने उत्तराखंड की शांत जगहों को चुना और यहां रहना शुरू किया।
पहचान छुपाने के लिए किराए के फ्लैट में रहता था
पुलिस के अनुसार, विक्रम बहुत शातिर था। वह अपनी पहचान छुपाने के लिए कभी अपनी प्रॉपर्टी नहीं खरीदता था, बल्कि हमेशा किराए के लग्जरी फ्लैट में रहता था। वह राजपुर रोड और जाखन जैसे पॉश इलाकों में भी रह चुका था। वह बार-बार जगह बदलता था ताकि कोई उसे पहचान न सके। उसका फ्लैट किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं था। वहां महंगे फर्नीचर, आधुनिक गैजेट और आराम की हर सुविधा मौजूद थी।
ब्रांडेड कपड़े और महंगी घड़ियां पहनता था
विक्रम अपराध को भी कॉर्पोरेट स्टाइल में चलाता था। झारखंड में उसका नेटवर्क रंगदारी और ठेकेदारी से चलता था। जब वह बाहर निकलता था तो लग्जरी गाड़ियों का काफिला उसके साथ रहता था। वह हमेशा महंगे ब्रांड के कपड़े, गले में मोटी सोने की चेन और कलाई में लाखों रुपये की घड़ी पहनता था।
फर्जी दस्तावेजों से खरीदी कई राज्यों में संपत्ति
जांच में सामने आया कि उसने अलग-अलग नामों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए थे। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों से उसने मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में जमीन, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदी थीं। पुलिस ने उसके फ्लैट से 17 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 11 वोटर आईडी और 7 ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए।
ईडी ने भी की थी कार्रवाई
जमशेदपुर में दर्ज मुकदमे के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विक्रम शर्मा पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान करीब 670 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गई थीं। ईडी ने कोलकाता, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, जयपुर, सूरत और जबलपुर समेत कई शहरों में बैंक खाते, जमीन और फ्लैट जब्त किए थे।
अखिलेश सिंह का करीबी था विक्रम
पुलिस के मुताबिक, दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का विक्रम शर्मा खास भरोसेमंद था। वह उसके पैसों और निवेश का काम संभालता था। जांच में पता चला कि जेल में रहते हुए भी अखिलेश सिंह का नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें विक्रम की अहम भूमिका थी।
ग्रीन व्यू सोसाइटी में कारोबारी बनकर रह रहा था
विक्रम देहरादून की ग्रीन व्यू रेजीडेंसी में अपनी पत्नी और बेटी के साथ किराए के फ्लैट में रहता था। उसने खुद को वहां कारोबारी बताया था। हत्या के बाद पूरी सोसाइटी में डर का माहौल है। सोसाइटी के सचिव सुभाष भाटी ने बताया कि उन्हें विक्रम के असली बैकग्राउंड की जानकारी नहीं थी। उनसे सिर्फ कभी-कभी अभिवादन होता था। सोसाइटी में कुल 78 फ्लैट हैं और सभी के बारे में जानकारी रखना मुश्किल है। घटना के बाद ग्रीन व्यू रेजीडेंसी के बाहर और अंदर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और लोगों में दहशत का माहौल है।







