


देहरादून: विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक समुदाय के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से वार्षिक आय की सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बढ़ी हुई आय सीमा के तहत अल्पसंख्यक मौलाना आजाद ब्याज मुक्त ऋण योजना, अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना और छात्रवृत्ति योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, आईटीआई, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास संस्थानों की स्थापना की जा रही है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। इसके साथ ही नए वक्फ कानूनों में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे इन संपत्तियों का वास्तविक लाभ समाज के गरीब, जरूरतमंद और पिछड़े वर्ग तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना के तहत अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिससे वे आगे बढ़कर प्रशासनिक और अन्य सेवाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश के सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू कर सरकार ने अल्पसंख्यक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। साथ ही समान नागरिक संहिता लागू कर सरकार ने सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी धर्मों की स्वायत्तता की रक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है। इस कानून के तहत किसी भी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या छल से होने वाले धर्मांतरण को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि कई देशों में अल्पसंख्यकों को उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ता है और ऐसे मामलों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर समारोह में उपस्थित मुस्लिम महिलाओं ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी एक भाई की तरह प्रदेश और अल्पसंख्यक समुदाय के हित में कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

