


ऋषिकेश में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए बाईपास सड़क परियोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना को लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
छुट्टियों के दिनों में हरिद्वार मार्ग पर नेपाली फार्म से तपोवन तक भारी जाम लग जाता है। लोगों को इस जाम से राहत दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बाईपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह बाईपास तीन पानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक बनेगा। इसकी कुल लंबाई करीब 12.67 किलोमीटर होगी और यह चार लेन का होगा। इस परियोजना पर लगभग 1161 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस योजना के तहत 4.876 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग बनाया जाएगा, ताकि हाथियों के आवागमन (हाथी कॉरिडोर) में कोई बाधा न आए। इसके अलावा चंद्रभागा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। इसी क्षेत्र में 76 मीटर लंबा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) भी बनाया जाएगा।
श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर भी 318 करोड़ रुपये की लागत से 76 मीटर लंबा आरओबी बनाने का प्रस्ताव है। यह बाईपास भद्रकाली के पास हर्बल गार्डन से निकलेगा। इसके बाद खारास्रोत से तपोवन तक एक सुरंग (टनल) बनाई जाएगी।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों से कहा कि इस योजना पर जल्द काम शुरू किया जाए। सभी विभाग आपस में तालमेल बनाकर कार्य करें। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में नगर निगम ऋषिकेश, नगर पालिका परिषद मुनि की रेती-ढालवाला, नगर पंचायत तपोवन और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्रों में करीब ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे। इस परियोजना से ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।







