



उत्तराखंड: बहादराबाद थाने में दर्ज रिपोर्ट के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर बृहस्पतिवार को हरिद्वार लौट आए। ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और स्वयं को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई सामने आने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उन्हें पूर्ण रूप से न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत आस्था और आत्मिक संकल्प से जुड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि यह उनका निजी व्रत है, जिसे वह अंत तक निभाएंगे।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राठौर ने आरोप लगाया कि प्रदेश और समाज का माहौल जानबूझकर बिगाड़ा गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की भूमिका के कारण स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हुई और कांग्रेस पार्टी ने अंकिता के नाम पर राजनीति कर जनभावनाओं का दुरुपयोग किया। राठौर का कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक लाभ के लिए हवा दी गई।
सुरेश राठौर ने दावा किया कि उनके खिलाफ और उनके साथियों को फंसाने के लिए यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके सहयोगियों को भी रिपोर्ट में घसीटने का प्रयास किया गया, जो पूरी तरह अनुचित है। इसके साथ ही उन्होंने रविदास पीठ की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
पूर्व विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो किसी व्यक्ति के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है और न ही किसी का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में कोई दोषी बच गया है तो उस पर सरकार जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा। उनका कहना था कि वह जांच और न्यायिक प्रक्रिया से भागने वाले नहीं हैं।
वायरल ऑडियो को लेकर सुरेश राठौर ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि तकनीक के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए किसी की भी आवाज तैयार की जा सकती है। उन्होंने मांग की कि वायरल ऑडियो की निष्पक्ष, तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
गौरतलब है कि 27 दिसंबर को बहादराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक करीब 11 दिनों तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद अब उनकी वापसी ने इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है।

