

भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाले Pax Silica Alliance में शामिल होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर की दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक गठबंधन का हिस्सा बन गया है। यह समझौता नई दिल्ली में AI समिट के दौरान किया गया। इस गठबंधन का मकसद यह है कि सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ मैटेरियल की सप्लाई किसी भी हालत में बाधित न हो। साथ ही उन देशों पर निर्भरता कम की जाए, जो इस समूह का हिस्सा नहीं हैं। नाम किसी देश का नहीं लिया गया है, लेकिन इसका संकेत चीन की ओर माना जा रहा है। पाकिस्तान भी इस गठबंधन में शामिल नहीं है।
इन देशों के साथ बना गठबंधन
भारत और अमेरिका के अलावा इस समूह में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इन सभी देशों ने मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत करने और एक बेहतर वैश्विक टेक इकोसिस्टम बनाने पर सहमति जताई है। AI समिट पांच दिनों तक चला, जिसमें दुनिया भर के टेक लीडर्स शामिल हुए। इस आयोजन में करीब 600 स्टार्टअप्स ने भी भाग लिया।
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान
इस समझौते की जानकारी देते हुए केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,
“दुनिया को भारत पर भरोसा है। हमारे पास बड़ा टैलेंट पूल है और हमारी विदेश नीति भरोसे पर आधारित है। Pax Silica में शामिल होना सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और चिप डिजाइन के लिए बहुत जरूरी कदम है।”
उन्होंने कहा कि इस गठबंधन से भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
भारत में तैयार हुए 10 प्लांट
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में 10 सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार हो चुके हैं और जल्द ही पहला प्लांट चिप का उत्पादन शुरू करेगा। फिलहाल भारत में एडवांस नैनोमीटर चिप डिजाइन की जा रही हैं। देश में तेजी से AI और सेमीकंडक्टर का मजबूत इकोसिस्टम बन रहा है और Pax Silica समझौता इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
अमेरिकी राजदूत का बयान
इस मौके पर अमेरिकी राजदूत सेरजियो गोर ने कहा कि भारत का इस गठबंधन में स्वागत है। Pax Silica ऐसा समझौता है, जो आज़ाद समाज और सुरक्षित सप्लाई चेन को मजबूत करेगा। इससे दुनिया में कहीं भी होने वाले आविष्कार का फायदा सभी को मिलेगा।
सुंदर पिचाई ने भी की तारीफ
AI समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में AI बहुत अहम होगा और इस दिशा में भारत-अमेरिका की साझेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की पार्टनरशिप से AI का लाभ पूरी दुनिया को मिलेगा और गूगल को गर्व है कि वह इस रिश्ते में एक सेतु की तरह काम कर रहा है।







