


ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने नशा तस्करी की चेन को तोड़ने के लिए इलाके के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और नशे के काले कारोबार के मास्टरमाइंड गुरुचरण को गिरफ्तार किया है। गुरुचरण कोई छोटा-मोटा अपराधी नही है। इसके खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में NDPS एक्ट, आबकारी अधिनियम और अन्य गंभीर अपराधों के 49 मुकदमे दर्ज हैं। हर बार जेल से बाहर आने के बाद गुरुचरण ने अपने गुर्गों के जरिए ऋषिकेश के युवाओं की नसों में सफेद जहर’ घोलने का काम किया है।
एसपी जया बलूनी ने बताया कि एसएसपी अजय सिंह के सख्त निर्देशों के बाद ऋषिकेश पुलिस ने इस तस्कर का कच्चा चिट्ठा तैयार किया। जिसमे देखा गया कि अब गुरुचरण को सामान्य धाराओं से काबू करना आसान नही है। इसलिए गुरुचरण पर पुलिस ने PIT-NDPS एक्ट का ब्रह्मास्त्र चलाया। इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम ने गुरुचरण के पूरे आपराधिक इतिहास और उसके सक्रिय नेटवर्क की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। एसएसपी के माध्यम से रिपोर्ट उत्तराखंड शासन को भेजी गई। शासन से हरी झंडी मिलते ही गुरुचरण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं। नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। गुरुचरण की इस तरह हुई गिरफ्तारी ने नशे के अन्य सौदागरों और उसके गुर्गों की नींद उड़ा दी है।
एसएसपी की इस रणनीति से नशा तस्करों में साफ संदेश गया है कि अगर कोई आदतन नशा तस्करी में लिप्त पाया गया, तो उस पर सख्त से सख्त धाराओं में जेल की मुहर लगनी तय है।

