

उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में धार्मिक आस्था की आड़ में लोगों को गुमराह कर ठगी और उकसावे जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। ऑपरेशन कालनेमि के तहत कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने साधु-संतों का भेष धारण कर तंत्र-मंत्र और जादू-टोना दिखाकर स्थानीय लोगों व यात्रियों को भ्रमित करने वाले सात बेहरूपी बाबाओं को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत शनिवार को ज्वालापुर क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस को कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं, जो साधु का वेश धारण कर भीड़ जुटा रहे थे और लोगों की धार्मिक भावनाओं का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहे थे। मौके पर भीड़ बढ़ने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को बीएनएसएस के अंतर्गत हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साधु-संत का रूप धरकर तंत्र-मंत्र और जादू-टोने का प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे श्रद्धालुओं और यात्रियों को भ्रमित किया जा रहा था। इस तरह की गतिविधियां न केवल लोगों की आस्था से खिलवाड़ हैं, बल्कि सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकती थीं। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत आगे भी ऐसे ढोंगी बाबाओं और आस्था की आड़ में समाज को गुमराह करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक सौहार्द बनाए रखा जा सके।







