

उत्तराखंड: वीर सैनिकों की धरती कहे जाने वाले उत्तराखंड में अग्निवीर योजना को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी इस योजना का लगातार विरोध कर रही है। कांग्रेस के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के नेतृत्व में पूरे राज्य में आंदोलन और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस आंदोलन का तीसरा चरण 20 से 25 फरवरी के बीच पूरा हुआ।
कांग्रेस का कहना है कि अग्निवीर योजना में युवाओं को सिर्फ 4 साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। इसके बाद उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होता और बेरोजगारी की समस्या बढ़ सकती है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह योजना युवाओं के साथ अन्याय है। पहले की तरह सेना में स्थायी भर्ती होनी चाहिए, जिसमें जवानों को पेंशन, मेडिकल सुविधा और कैंटीन जैसी सुविधाएं मिलती थीं। लेकिन अग्निवीर योजना में ये सभी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
इस योजना के विरोध में कांग्रेस ने राज्यभर में बैठकें, रैलियां और हस्ताक्षर अभियान चलाए हैं। पार्टी ने युवा कार्यकर्ताओं, पूर्व सैनिकों और आम लोगों को साथ लेकर जन जागरण अभियान भी शुरू किया है। कांग्रेस का कहना है कि अगर भविष्य में उनकी सरकार बनती है, तो वे अग्निवीर योजना को खत्म कर पुराने नियमित भर्ती सिस्टम को फिर से लागू करेंगे।







