

हरिद्वार में मंदिर स्थापना समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का निर्माण सत्ता और तलवार से नहीं, बल्कि ऋषियों और संतों की तपस्या से हुआ है। उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए कहा कि हरिद्वार सांस्कृतिक राष्ट्र की भूमि है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार देश की सीमाओं और सेना की सुरक्षा करती है, जबकि संत समाज राष्ट्र की सांस्कृतिक सीमाओं की रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने अपनी संस्कृति को कमजोर किया, उनका पतन हो गया।

उन्होंने यह भी कहा कि ऋषियों ने योग, आयुर्वेद और गुरु-शिष्य परंपरा का ज्ञान दिया है। आज संस्कृति पर कई तरह के हमले हो रहे हैं, इसलिए भौगोलिक सीमाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक सुरक्षा भी जरूरी है।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी साधना और विचार आज भी समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं और प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके आदर्शों को जीवित रखने का प्रतीक है।







