



ऋषिकेश में मौसम ने फिर करवट ले ली है और शहर पूरी तरह घने कोहरे और गिरते तापमान की चपेट में आ गया है। ठंडी हवाओं और लगातार छाए कोहरे के कारण गुरुवार को सड़क और रेल यातायात दोनों प्रभावित हुए और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया।
पूरे दिन शहर पर सफेद धुंध की चादर छाई रही, जिससे दिन के मुकाबले शाम और रात में ठिठुरन और बढ़ गई। नेशनल और स्टेट हाईवे समेत शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई जगह दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चालक दिन के समय भी अपने वाहन की लाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे।

दोपहर करीब 12 बजे हल्की धूप निकली, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद कोहरा फिर छा गया और ठंड और तेज हो गई। ऐसे मौसम में लोग रजाई में दुबके रहे, वहीं कई स्थानों पर अलाव के पास लोग ठंड से बचते दिखाई दिए। नगर निगम प्रशासन ने शहर के लगभग 40 स्थानों पर अलाव जलाने की विशेष व्यवस्था की है ताकि नागरिक ठंड से राहत पा सकें। नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने बताया कि इन स्थानों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है।
कोहरे के चलते रोडवेज और बस सेवाओं की समय-सारिणी भी गड़बड़ा गई। लंबी दूरी की बसें निर्धारित समय से एक से डेढ़ घंटे की देरी से यात्रियों को पंहुचा रही थीं। इसी तरह कुछ प्रमुख ट्रेनों जैसे उत्कल, हेमकुंड, बांद्रा और बांदमेर एक्सप्रेस को भी एक से दो घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। स्टेशन पर सुबह के समय यात्रियों की संख्या कम होने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन अधीक्षक एसके शर्मा ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनों के विलंब की स्थिति बनी हुई है।
इस स्थिति में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव के पास रजाई ओढ़कर समय बिताते रहे, जबकि कई स्थानों पर वाहन चालक धीमी गति से चलने को मजबूर रहे। पूरे शहर में ठंड और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया और आम नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं।

