


ऋषिकेश। उत्तराखंड के नवनियुक्त डीजीपी दीपम सेठ के पदभार ग्रहण करते ही प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश जारी हो गए हैं। इसी क्रम में ऋषिकेश कोतवाली पुलिस आज ‘अलर्ट मोड’ पर नजर आई। बाहरी व्यक्तियों और संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस ने आज तड़के शहर के संवेदनशील इलाकों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया।
तड़के की कार्रवाई से मचा हड़कंप
आज सुबह जब शहर के लोग गहरी नींद में थे, तभी ऋषिकेश पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने मायाकुंड की बंगाली बस्ती और आईडीपीएल के मीरा नगर में दस्तक दी। अचानक भारी पुलिस बल को दरवाजे पर देख एक बारगी तो स्थानीय निवासियों के माथे ठनके, लेकिन जब पुलिस ने सत्यापन की कार्रवाई का उद्देश्य बताया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
घर-घर जाकर खंगाले किराएदारों के दस्तावेज

पुलिस टीमों ने एक-एक घर का दरवाजा खटखटाकर वहां रह रहे किराएदारों की कुंडली खंगाली। अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाई:
-किराएदार मूल रूप से कहाँ के रहने वाले हैं?
-वे ऋषिकेश में क्या काम करते हैं और कितने समय से रह रहे हैं?
-क्या मकान मालिक ने उनका पुलिस वेरिफिकेशन करवाया है या नहीं?
6 किराएदार मिले बिना वेरिफिकेशन के, चालान की कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस ने पाया कि दोनों क्षेत्रों में 6 किराएदार बिना किसी पुलिस सत्यापन के अवैध रूप से रह रहे थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन किराएदारों के खिलाफ चालान काटकर जुर्माना लगाया। साथ ही, सत्यापन नियमों की अनदेखी करने वाले मकान मालिकों को सख्त फटकार लगाते हुए भविष्य में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
मकान मालिकों और दुकानदारों से पुलिस की अपील
कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे शहर में समय-समय पर चलाया जाएगा। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा-बिना सत्यापन के किराएदार रखना सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है। मकान मालिक किराएदार रखने से पहले और दुकानदार अपने यहां कर्मचारी रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु:
निर्देश: डीजीपी दीपम सेठ द्वारा बाहरी लोगों के सत्यापन के सख्त आदेश।
क्षेत्र: मायाकुंड (बंगाली बस्ती) और आईडीपीएल (मीरा नगर)।
कार्रवाई: 6 बिना सत्यापन वाले किराएदारों का चालान।
उद्देश्य: बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखना और अपराध नियंत्रण।







