

ऋषिकेश: पर्यटन नगरी की शांति व्यवस्था को भंग करने वालों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए ऋषिकेश पुलिस ने एक वृहद जागरूकता एवं गश्त अभियान छेड़ा है। शहर के व्यस्त बाजारों से लेकर गंगा घाटों तक, पुलिस की भारी मौजूदगी आज साफ दिखाई दी।
लाउडस्पीकर के साथ ‘पैदल गश्त’
सोशल मीडिया और टीवी स्क्रीनों पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारियों की एक टीम लाउडस्पीकर के साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल मार्च कर रही है। उद्घोषणा के माध्यम से जनता को यह संदेश दिया जा रहा है कि:
”ऋषिकेश पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। डरें नहीं, सतर्क रहें।”
सत्यापन (Verification) पर सख्त हिदायत
कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में पुलिस ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है:
किराएदार: बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी बाहरी व्यक्ति को मकान किराए पर न दें।
कर्मचारी: दुकानों, होटलों या घरों में काम करने वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड पुलिस के पास दर्ज होना अनिवार्य है।
सूचना: किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की जानकारी तत्काल आपातकालीन नंबर 112 पर दें।
कप्तान के बदलते ही बदला ‘एक्शन’
माना जा रहा है कि देहरादून में पुलिस कप्तान (SSP) के बदलते ही मिले कड़े निर्देशों के क्रम में यह अभियान तेज हुआ है। ऋषिकेश एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। बढ़ती भीड़ और बाहरी लोगों की आवाजाही को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है ताकि अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य
-शहर में शांति व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना।
-बाहरी लोगों और किरायेदारों का शत-प्रतिशत रिकॉर्ड (डाटा) तैयार करना।
-पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना प्रबल करना।







