



ऋषिकेश: भोगपुर पंचायत में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। शिविर के दौरान कुल 67 समस्याएं पंजीकृत की गईं, जिनमें से कई का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं को संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि प्रशासन खुद जनता तक पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुने। इसी उद्देश्य से ऐसे जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को अपनी बात रखने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मुद्दों का गंभीरता से संज्ञान लिया जाएगा।

शिविर में 23 विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने अलग-अलग काउंटरों पर लोगों की शिकायतें सुनीं। क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव नेगी ने सरकारी संपत्तियों पर हो रहे अतिक्रमण, क्षेत्र में जंगली जानवरों और बंदरों की बढ़ती समस्या का मुद्दा उठाते हुए भोगपुर में पशु चिकित्सालय खोलने की मांग रखी। वहीं भोजन माता अनीता देवी और उर्मिला नेगी ने मानदेय बढ़ाने की मांग रखी।
पूर्णानंद तिवारी की ओर से रोडवेज बसों के नियमित संचालन को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिल सके। ग्राम प्रधान बड़कोट दीक्षा भट्ट ने पेयजल लाइन की मांग उठाई, जबकि ग्राम प्रधान चांद खान ने अपने क्षेत्र में पेयजल संकट की समस्या को प्रमुखता से रखा। दीपक ने आपदा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग की, वहीं वार्ड मेंबर रीता नेगी ने वार्ड सदस्यों के मानदेय से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रशासन को सौंपा।
इस मौके पर मधु भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल, गीतांजलि रावत, सतीश सेमवाल, रश्मि मिंया सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा, तहसीलदार चमन सिंह और खंड विकास अधिकारी पुरुषोत्तम सेमवाल भी शिविर में उपस्थित रहे और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। शिविर के माध्यम से जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे क्षेत्रवासियों में समाधान की उम्मीद जगी।

