

ऋषिकेश | 23 फरवरी, 2026
ऋषिकेश के लिए आज का दिन अत्यंत दुखद है। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सोना देवी खरोला जी के निधन की सूचना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाली वरिष्ठ आंदोलनकारी श्रीमती सोना देवी खरोला का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही संपूर्ण तीर्थनगरी और राज्य आंदोलनकारियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
आंदोलन में रहा महत्वपूर्ण योगदान:
सोना देवी खरोला एक समर्पित आंदोलनकारी थीं। उनके पति, स्व. भोला सिंह खरोला भी उत्तराखंड राज्य गठन के संघर्ष में अग्रिम पंक्ति के योद्धा रहे थे। खरोला परिवार का उत्तराखंड की अस्मिता और विकास में हमेशा से बड़ा योगदान रहा है।
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी:
उनके पुत्र और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल खरोला ने दुखद सूचना साझा करते हुए बताया कि उनकी माता ने सोमवार को अंतिम सांस ली। वे अपने पीछे एक प्रतिष्ठित और भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके अन्य पुत्रों में डॉ. उत्तम सिंह खरोला (सीएमएस, राजकीय उप जिला चिकित्सालय) और विजय खरोला (वरिष्ठ अधिकारी, टीएचडीसी) समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अंतिम संस्कार का विवरण:
परिजनों के अनुसार, सोना देवी खरोला की अंतिम यात्रा कल आयोजित की जाएगी:
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- दिनांक: मंगलवार, 24 फरवरी
- समय: प्रातः 11:00 बजे
- स्थान (प्रस्थान): उनके निवास स्थान (नेहरू मार्ग, प्रगति विहार) से
- अंतिम संस्कार: चन्द्रेश्वर घाट मुक्ति धाम, ऋषिकेश
श्रद्धांजलि: क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और राज्य आंदोलनकारियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि सोना देवी जैसी मातृशक्ति के संघर्षों की बदौलत ही आज हमें उत्तराखंड राज्य प्राप्त हुआ है।







