

उत्तराखंड के कई जिलों में अदालतों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। प्रदेश की सभी अदालतों, न्यायाधीशों और कोर्ट परिसरों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
अब कोई भी व्यक्ति बिना पहचान पत्र (आईडी कार्ड) के अदालत परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए हैं कि अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था में जो कमियां पाई गई हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हर समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय के मुख्य निर्देश
-अदालत के प्रवेश द्वारों पर बैरियर लगाकर लोगों की जांच की जाएगी।
-एलआईयू और पुलिस हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सख्ती से तलाशी और जांच करेंगे।
-रोज सुबह अदालत खुलने से पहले बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड पूरे परिसर की जांच करेंगे।
-किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और एटीएस को तैनात रखा जाएगा।
-पूरे कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और लगातार पेट्रोलिंग होगी।
-समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाएगी और आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की योजना बनाई जाएगी।
धमकियों से मचा हड़कंप
प्रदेश के कई जिलों में अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई है। पहले नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून और पौड़ी की अदालतों को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं।
नैनीताल कोर्ट को तो लगातार दो दिन ई-मेल के जरिए धमकी भेजी गई थी। इसके बाद पुलिस ने नैनीताल, हल्द्वानी और रामनगर की अदालतों को खाली करवाकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से गहन तलाशी अभियान चलाया। पूरे परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई। पुलिस ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।







