


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश की एकल महिलाओं को खुद का रोजगार शुरू करने में मदद करना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 484 महिलाओं के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) के माध्यम से तीन करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देगी। इससे राज्य की हजारों महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
कितनी राशि दी जाएगी
योजना के तहत पहले चरण में- 484 महिलाओं को 3 करोड़ 45 लाख रुपये की पहली किश्त दी गई। इसके अलावा, अन्य 7 जिलों की 540 महिलाओं को भी महीने के अंत तक लगभग 4 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ
इस योजना में शामिल की गई हैं: विधवा महिलाएं, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं, किसी कारण से अकेले जीवन जी रही महिलाएं, एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं, अपराध की शिकार महिलाएं और ट्रांसजेंडर समुदाय की महिलाएं।
महिलाएं कर रही हैं अच्छा काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से ज्यादा ग्राम संगठन और 500 से ज्यादा क्लस्टर संगठन महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।
मंत्री रेखा आर्या का बयान
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं को केवल सम्मान नहीं, बल्कि असली मौके मिलने चाहिए। सरकार चाहती है कि महिलाएं सहारे पर नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास से आगे बढ़ें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।
योजना में कितनी सब्सिड़ी मिलेगी
इस योजना के तहत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना पर सरकार 75 प्रतिशत सब्सिड़ी देगी। महिला को केवल 25 प्रतिशत हिस्सा खुद देना होगा।
पहले चरण में इन जिलों की महिलाओं को राशि दी गई:
बागेश्वर – 42 महिलाएं
देहरादून – 191
नैनीताल – 75
पौड़ी – 66
टिहरी – 23
ऊधम सिंह नगर – 87
भावुक हुईं महिलाएं
कार्यक्रम में जब महिलाओं से उनके अनुभव पूछे गए तो कई महिलाएं भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि इस मदद से वे अब अपना काम शुरू कर सकेंगी और समाज में सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ी हो पाएंगी।







