


जौलीग्रांट (देहरादून): स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (SRHU) जौलीग्रांट का आठवां दीक्षांत समारोह शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक भव्य संगम के रूप में संपन्न हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर देश के शीर्ष राजनेताओं ने भावी चिकित्सकों और पेशेवरों का उत्साहवर्धन किया।
शनिवार को स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (SRHU) के आठवें दीक्षांत समारोह में उत्साह और गौरव का माहौल रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के कुल 1001 मेधावी छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विविध संकायों के छात्रों का सम्मान
दीक्षांत समारोह के दौरान मेडिकल, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, बायो साइंस और योग जैसे विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां दी गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक (Gold Medals) से भी नवाजा गया।
जेपी नड्डा का संबोधन: ‘सेवा ही परमो धर्म:’
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा:
राष्ट्र निर्माण: “आप केवल डिग्री लेकर नहीं जा रहे, बल्कि देश की सेवा का संकल्प लेकर जा रहे हैं। स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में भारत तेजी से बदल रहा है और आप इस बदलाव के वाहक हैं।”
स्वामी राम का आदर्श: उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक स्वामी राम के सेवा भाव को याद करते हुए छात्रों से इसे अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का विजन: आत्मनिर्भर उत्तराखंड

समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’ बनाने के लक्ष्य में एसआरएचयू जैसे संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा का लाभ राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने की अपील की।

विशेष उपस्थिति: कार्यक्रम में डॉ. धन सिंह रावत (शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री) ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर की प्रशंसा की और स्वास्थ्य सेवाओं में हिमालयन हॉस्पिटल के योगदान को सराहा।







