


देहरादून में बढ़ते सड़क हादसों और ट्रैफिक नियमों की लगातार अनदेखी को देखते हुए पुलिस ने अब सख्ती का रुख अपना लिया है। अब तक जहां नियम तोड़ने वालों पर सिर्फ चालान काटकर मामला निपटा दिया जाता था, वहीं अब गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। देहरादून पुलिस का मानना है कि केवल जुर्माने की व्यवस्था से लोगों में कानून का डर खत्म हो चुका है, इसलिए अब कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी हो गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण ओवरस्पीडिंग है। आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून में 76 प्रतिशत से अधिक हादसे तेज रफ्तार की वजह से होते हैं। इसके अलावा गलत दिशा में वाहन चलाना, लापरवाही से ओवरटेक करना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी जानलेवा साबित हो रही है। खासकर आईएसबीटी क्षेत्र, शिमला बायपास रोड और डोईवाला-ऋषिकेश मार्ग जैसे इलाकों को हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे गंभीर अपराधों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। ऐसे मामलों में सिर्फ चालान काटना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इससे लोगों में न तो डर बनता है और न ही जिम्मेदारी की भावना। इसी सोच के तहत पुलिस ने पहली बार नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के विधानसभा तिराहे पर गलत दिशा में स्कूटर चलाने वाले दो युवकों के खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज किया है। यह देहरादून में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर दर्ज की गई अपनी तरह की पहली एफआईआर मानी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ओवरस्पीडिंग के साथ-साथ नशे की हालत में वाहन चलाना, ओवरलोडिंग, रेड लाइट जंप करना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी हादसों की बड़ी वजह बन रहा है। अब इन सभी गंभीर नियम उल्लंघनों पर पुलिस अलग-अलग स्तर पर सख्त कार्रवाई करेगी। प्रशासन का उद्देश्य साफ है कि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति नियमों का पालन करे और किसी की लापरवाही की कीमत किसी और को अपनी जान देकर न चुकानी पड़े।
देहरादून पुलिस की यह नई सख्ती एक स्पष्ट संदेश देती है कि अब ट्रैफिक नियम तोड़ना मामूली गलती नहीं, बल्कि कानूनन अपराध माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।







