


Uttarakhand: टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित बजरंग सेतु आगामी 26 जनवरी को जनता को समर्पित किया जाएगा। लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब यह आधुनिक पुल क्षेत्रीय जनता के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए भी आवागमन का नया और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। पुल के शुरू होने से तपोवन और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के निवासियों को जहां आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, वहीं स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी इससे खासा लाभ होने की उम्मीद है।
वर्ष 2022 में लक्ष्मणझूला पुल के समीप लोक निर्माण विभाग, नरेंद्रनगर द्वारा बजरंग सेतु के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। लगभग 68.86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। इसकी खासियत यह है कि पुल के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा पारदर्शी कांच का फुटपाथ बनाया गया है, जिसकी मोटाई 65 मिमी रखी गई है। इससे न केवल पुल की खूबसूरती बढ़ी है, बल्कि पैदल यात्रियों को एक अलग और रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।
पुल के प्रवेश द्वार को केदारनाथ मंदिर की आकृति में डिजाइन किया गया है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से इसे विशेष पहचान देता है। लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल के अनुसार बजरंग सेतु का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को यह पुल औपचारिक रूप से जनता को समर्पित कर दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

